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अमेरिका ही हारा ....`India-EU डील को लेकर एक्सपर्ट ने ट्रंप को सुना दी खरी -खरी?

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।     ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच भारत की यूरोपीय संघ से डील  एक और जहां डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ  (Donald Trump Tariff ) की धौंस जमाकर अपनी शर्तों पर भारत -अमेरिका ट्रेड  डील (India-US Trade deal) को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं. तो भारत सरकार अपनी रणनीति पर आगे बढ़ते हुए बिना किसी की शर्तों के आगे झुके  एक के बाद एक कई देशों में ट्रेड डील कर रहा है. हाल ही में ओमान और न्यूजीलैंड के बाद  अब यूरोपीय यूनियन के साथ भी भारत का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India- Eu FTA) फाइनल होने के करीब है. यूरोपीय मीडिया की रिपोर्ट्स की माने, तो 27 जनवरी को इस पर अंतिम मुहर भी लग सकती है. इस बड़ी डील को लेकर एक्सपर्ट  डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए नजर आ गए हैं. ` द ग्रेट रिसेट`के लेखक और स्ट्रेटिजिक एनालिस्ट नवरूप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter (अब x) के जरिए एक पोस्ट करते हुए लिखा है कि, ये  खबर साबित करती है कि अमेरिका ही अंतिम रूप से हारा है.  27 जनवरी को बड़ा समझौता ! European Union 27 जनवरी को भारत के साथ अपने अब तक के सबसे बड़े व्यापा...

दो राष्ट्रध्यक्षों के बीच फोन कॉल कैसे होती है ? क्यों यह आम कॉल से बिलकुल अलग प्रक्रिया है?

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अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हावर्ड लूटनिक ने कहा अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की होती तो, भारत -अमेरिका  ट्रेड डील पूरी हो सकती थी. भारत के विदेश मत्रालय ने इस दावे को सटीक नहीं बताया. और समझौते के प्रति  प्रतिबद्धता दोहराई. इसके बाद यह सवाल  उठा कि आखिर राष्ट्रध्यक्ष आपस में फोन पर  बात कैसे करते हैं.  अक्सर जब अंतरास्ट्रीय राजनीति में यह  सुनने को मिलता है . कि प्रधानमंत्री ने फोन नहीं किया या राष्ट्रपति की कॉल नहीं आई  तो, आम लोगों के मन में यह तस्वीर बन जाती है कि शायद नेता सीधे फोन उठाकर एक दूसरे से बात कर लेते होगे, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है .दो राष्ट्रध्यक्षों  प्रधानमंत्रीयों के बीच बतचीत किसी आम मोबाइल कॉल जैसी नहीं होती , बल्कि यह  पूरी तरह सुरक्षित , पूर्व नियोजित और संस्थागत प्रक्रिया होती है. जिसमें कई स्तरों पर तैयारी की जाती है आइए आसान भाषा में समझते हैं. स्टाफ - टू -स्टॉफ समन्वय की अहम भूमिका  अगर दो देशों के रिश्ते नियमित और मजबूत हो , तो प्रक्रिया थोड़ी सरल हो सकती ह...