US Tariffs पर भारत की नज़र, निर्मला सीतारमण ने दिया सतर्क बयान?
अमेरिकी टैरिफ बदलावों और सोने की बढ़ती कीमतों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ताजा बयान पढ़े। जाने भारत की व्यापार रणनीति का पूरा विश्लेषण। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट की ओर से टैरिफ को अवैध घोषित करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ के नए ऐलानों के बाद दुनिया भर के बाजार में हलचल है। इस अहम मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सोमवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से टैरिफ के बदलावों अब 15%का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, इसका आकलन करना अभी बहुत जल्दबाजी है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय फिलहाल स्थित की समीक्षा कर रहा है।
अमेरिकी टैरिफ विवाद पर भारत का रूख?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पूर्व में लगाए गए व्यापक आयात शुल्कों को खारिच किये जाने के बाद नए सिरे से व्यापारिक तनाव पैदा हो गया है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से भारत सहित सभी देशों से होने वाले आयात पर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसे एक दिन बाद ही बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इन बदलावों के संभावित प्रभाव पर पूछे जाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की जांच कर रहा है। और एक प्रतिनिधिमंडल आगे की व्यापार वार्ताओं के समय पर फैसला करेगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस विषय पर अभी टिप्पणी करना थोड़ा जल्दबाजी होगी।
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ग्लोबल मार्केट और व्यापार पर समझौते?
वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति पर जोर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देस वैश्विक बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए पूरी तरह प्रतिबंध है।
• सफल समझौते: भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई कतर और ओमान जैसे देशों के साथ - साथ यूरोपीय संघ और यूके जैसे बड़े व्यापारिक गुटों के साथ पहले ही व्यापार समझौते कर लिए है।
• आर्थिक रणनीति: सीतारमण ने साफ किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार से अपनी अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करना चाहता है, और वैश्विक बाजारों के साथ लगातार जुड़ना जारी रखना चाहता है।
सोने की कीमतों में उछाल की वजह?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निवेशक मंडल के साथ बजट के बाद होने वाली पारंपरिक बैठक के बाद, वित्त मंत्री सोने की बढ़ती कीमतों से जुड़ी मौजूदा चिंताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने साफ किया कि सोने की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की ओर से की जा रही भारी खरीदारी है। सीतारमण ने कहा कि आज अधिकांश देश, विशेष रूप से उनके केंद्रीय बैंक, सोना और चांदी खरीद रहे हैं। और उनका भंडारण कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सोना हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए एक पसंदीदा निवेश रहा है। और त्योहारी सीजन के दौरान इसकी मांग आमतौर पर बढ़ जाती है।
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आईडीएफसी बैंक गड़बड़ी पर क्या बोली वित्त मंत्री?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के बारे में, सीतारमण ने कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है, और यह भी कहा कि नीति के तौर पर सरकार व्यक्तिगत कंपनियों में पर टिप्पणी नहीं करती है।
वित्त मंत्री की दो टूक - मिस- सेलिंग अपराध है।
बैंक द्वारा ग्राहकों को जबरन बीमा अन्य वित्तीय उत्पाद बेचना (मिस- सेलिंग) एक अपराध है। और इसे किसी भी सूरत में बरदास नहीं किया जाएगा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंको को यह सख्त चेतावनी देते हुए उन्हें अपने मूल व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने की दो टूक नसीहत दी है।
सोने की कीमतों पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?
सोने की कीमतों पर निवेशकों और आम जनता को आसक्त करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार और आरबीआई स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हालांकि सीतारमण ने राहत देते हुए यह भी कहा कि कीमतों में वृद्धि अब तक किसी खतरनाक स्तर पर नहीं पहुंची है। कुल मिलाकर, अमेरिका की नई व्यापार नीतियों के बीच भारत सावधानीपूर्वक स्थिति का आकलन कर रहा है, जबकि घरेलू मोर्चे पर महंगाई और कमोडिटी बाजार पर कड़ी नजर रखी जा रहीहै।
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