20 लाख बैरल की Oil deel, भारतीय कंपनियों ने खरीदा वेनेजुएला का तेल , ट्रंप के कब्जे के बाद बड़ा सौदा?

 

डोनाल्ड ट्रंप का तेल वाला गेम प्लान अब काम करता दिखने लगा है। बीते दिनों वेनेजुएला पर स्ट्राइक और राष्ट्रपति माधुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने वहां के तेल के खजाने पर अपने कंट्रोल का दावा किया था। और ट्रंप के कब्जे में आने के बाद वेनेजुएला तेल का सौदा भी शुरू हो गया। भारतीय तेल कंपनियों ने 20लाख बैरल Oil deel की है । रिपोर्ट की माने तो, ये खरीद सिर्फ दो भारतीय सरकारी रिफाइनरियों ने की है और इनके पास ये तेल अप्रैल तक आ सकता है।

IOCL -HPCL ने खरीद वेनेजुएला का तेल!

अमेरिका का वेनेजुएला के तेल रिजर्व (venezuela oil reserve) पर कंट्रोल होने के बाद अब 20 लाख बैरल तेल का सौदा किया गया है। और ये डील भारत की सरकारी ऑयल कंपनियों ने की है रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि, अब भारतीय रिफाइनरियां Crude Oil की नई आपूर्ति के लिए वेनेजुएला की ओर रुख कर रही है। क्यों कि, वे अपनी सोर्स स्ट्रेटजी को फिर से सेट कर रही है। इंडियन ऑयल कार्प (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्प (HPCL) संयुक्त रूप से अप्रैल में डिलीवरी के लिए 20 लाख बैरल मेरेय क्रूड खरीदा है।

यह भी पढ़ें : अमेरिका भारत को 25%पेनल्टी टैरिफ वापस करेगा? कारोबारियों को रु40हजार करोड़ की राहत मिलेगी?

क्रूड ऑयल के आयात में विविधिता ?

रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला तेल की ये खेप एक ही बड़े कच्चे तेल वाहक पोत (VLCC) पर भेजी जाएगी। इसमें इंडियन ऑयल कार्प करीब 15लाख बैरल तेल, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्प लगभग 5 लाख बैरल तेल लेगी।इस खेप के भारत के पूर्वी तट पर अप्रैल में पहुंचने का समय निर्धारित है। सूत्रों की माने तो, इसका विक्रेता कमोडिटी व्यापारी ट्रैफीगुरा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनिया गोपनीयता समझौतों के कारण स्पॉट डेंट्रो टेंडरों पर आमतौर पर टिप्पणी नहीं करती है। और ट्रॉफीगुरा ने भी इस Oil deel को लेकर टिप्पणी करने से इंकार किया है।

HPCL ने पहली बार खरीदा ये तेल ?

रॉयटर्स द्वारा जुटाए गए आंकड़ों को देखें तो देस की सबसे बड़ी रिफाइनरी IOC ने इससे पहले भी साल 2024 में वेनेजुएला के तेल का प्रसंस्करण किया था। लेकिन एचपीसीएल के लिए यह वेनेजुएला के कच्चे तेल की पहली खरीद है। यह तेल समझौता भारतीय रिफाइनरो द्वारा कच्चे तेल के आयात (crude oil import) में विविधता लाने के व्यापक प्रयास का संकेत देता है। क्यों कि, रूसी तेल आपूर्ति पर निर्भरता की कमी का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही इसे अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए(India - Us Trade deal) भारत के कदम के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें : नाटकीय बदलाव: पतन के कगार से, प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने समझौता करवाया?

Reliance ने इस भाव पर की थी खरीद ?

सूत्रों में से एक ने बताया कि, मेरेय कार्गो का मूल्य दुबई बेंचमार्क के आधार पर तय किया गया है। और यह उन दरों के समान है जिन पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने व्यापारी विटोल से वेनेजुएला का तेल खरीदा था। सूत्रों के मुताबिक Reliance दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है। उसने अप्रैल डिलीवरी के लिए 20 लाख बैरल वेनेजुएला का कच्चा तेल ICE ब्रेट की तुलना में लगभग 6.50-7 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर खरीदा था।

इधर ट्रेड डील उधर खरीदारी शुरू ?

पिछले महीने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने और अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के बाद ट्रंप प्रशासन ने बिटोल और ट्रैफिगुरा को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए अमेरिकी लाइसेंस दिये थे। भारतीय सरकारी रिफाइनरियों द्वारा यह खरीदारी ऐसे समय में हुई है,जबकि हाल ही में india -us trade deal पर सहमति बनी है। और इसका अधिकारिक ऐलान होने वाला है भारत और अमेरिका दोनो ही पक्षों ने Tariff cut और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से ट्रेड डील के तहत एक फ्रेमवर्क की घोषणा की है. जिसका लक्ष्य मार्च तक समझौते को अंतिम रूप देना है। हालांकि फ्रेमवर्क को लेकर जारी संयुक्त बयान में रूसी तेल (Russian Oil) का विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीद पर भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए एकस्ट्रा 25 फीसदी टैरिफ को रद्द करने का ऐलान किया था कि, भारत ने रूसी तेल का आयात प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से बंद करने के लिए सहमति जताई है।

           -----समाप्त-----



Comments

Popular posts from this blog

न्यू Iphone 17Proऔर apple का वेलेंटाइन डे ऑफर :Iphone, macbooks, और Airpods पर नवीनतम डील और भारी छूट देखे?

दैनिक कैरियर राशिफल।ये राशियां आपके जीवन में क्या परिवर्तन लाएगी