Russian Oil Deal: भारत को रूसी तेल खरीदने की मोहलत पर ट्रंप का बड़ा बयान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया और खाड़ी में उभरती सुरक्षा स्थिति के मेहनजर कई घटनाक्रमों के बारे में मीडिया से बात। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ओर से भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थाई अनुमति देने की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के बीच अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थाई अनुमति दे दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को थोड़ा दवाब कम करने के लिए उठाया गया कदम बताया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत को अस्थाई रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है। ताकि वैश्विक तेल बाजार पर बढ़ रहे दवाब को कम किया जा सके। ट्रंप ने यह बयान एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
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ट्रंप का दावा: जल्द सामान्य हो जाएगी स्थिति?
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका वैश्विक तेल बाजार पर दवाब कम करने के लिए और भी कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया में तेल की कोई कमी नहीं है। अमेरिका के पास भी काफी मात्रा में तेल है, और यह स्थित जल्द सामान्य हो जाएगी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री सचिव स्टॉक बेसेंट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही अस्थाई कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज से गुजरने वाले शिपिंग मार्गों में गंभीर बाधाएं आ रही है। यह क्षेत्र तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी लगभग 40% तेल आयात मध्य पूर्व से करता है, जिसमे से एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर गुजरता है। इस स्थित को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिवसीय छूट प्रदान की है।
अमेरिकी उर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की 30- दिवसीय छूट देना, मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाए गए अल्पकालिक उपायों का हिस्सा है। यह कदम ऐसे संयम में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
भारत में उर्जा की वर्तमान मांग और आपूर्ति?
भारतीय अधिकारियों के अनुसार देस अपनी ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है। और वह इस मामले में काफी सहज स्थिति में है। भारत के पास वर्तमान में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आश्वासन दिया है कि ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत को विभिन्न स्रोतों से पहले से कहीं अधिक ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज से संभावित आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त है।
भारत द्वारा रूसी तेल आयात में वृद्धि?
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में काफी विविधता लाई है। 2022 से भारत रूस से कच्चे तेल का आयात कर रहा है।2022 में रूस भारत के कुल कच्चे तेल आयात का 0.2 प्रतिशत था, लेकिन यह आंकड़ा हाल के वर्षों में काफी बढ़ा है। फरवरी में भारत ने अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 20% यानी लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रतिदिन रूस से आयात किया।
ईरान के नेतृत्व पर ट्रंप का बयान?
इसी के साथ अमेरिकी विमान में बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया है कि, ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म कर दिया है। और इस कार्रवाई को पृथ्वी से एक बड़े 'कैंसर को हटाने जैसा बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान में थोड़ी और देर जारी रहेगा। एयर फोर्स वन पर यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, हमने उनके (ईरान के) पूरे दुष्ट साम्राज्य का सफाया कर दिया है। यह निश्चित रूप से कुछ समय के लिए जारी रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि युद्ध अविश्वसनीय रूप से अच्छा चल रहा है और अमेरिका ने अपेक्षा से कहीं अधिक हासिल किया है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान की नौसेना के 44 जहाजों, उसके पूरे वायु सेना के हर विमान और अधिकांश मिसाइलों का सफाया कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मिसाइल निर्माण के क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उनकी ड्रोन क्षमता में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के लगभग हर स्तर पर सफाया कर दिया गया है।
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