चांदी के कीमतों में भूचाल ,5साल की सबसे बड़ी गिरावट के ये है कारण आगे क्या होगा
Silvar rate today new साल के आखिर में चांदी ने
निवेशकों को बड़ा झटका दिया. एक ही दिन में 5साल से ज्यादा की
गिरावट के बाद अब इसकी कीमतो में थोड़ी स्थिरता दिख रही है .
तेज रैली के बाद ट्रेडर्स ने मुनाफा कटा जिसमें भाव फिसले हालांकि
सोना - चांदी दोनों के लिए साल 1979के बाद का सबसे बेहतरीन
साल माना जा रहा है. सवाल यह है कि यह गिरावट डराने वाली है
या सिर्फ सॉस लेने का ब्रेक.
साल खत्म होने से ठीक पहले चांदी के बाजार मे जबरदस्त हलचल देखने को मिली. न्यूज़
Agency ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन पहले नव प्रतिशत की गिरावट के बाद
चांदी की कीमतें संभलती नजर आई.
मंगलवार को चांदी 71डॉलर प्रति औंस के
ऊपर तक टिकती दिखी. यह गिरावट इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि एक ही दिन में
बीते 5 साल से ज्यादा की सबसे बड़ी गिरावट
थी.
असल में साल के आखरी हफ्तों में चांदी और
सोने में जबरदस्त तेजी आई थी. तेजी इतनी
तेज थी कि तकनीकी संकेत यह बताने लगे
की भाव जरूरत से ज्यादा भाग चुके है.
ऐसे में कई ट्रेड्स निवेशकों ने मुनाफाबसूली
को तरजीह दी . जब बिकवाली शुरू हुई तो
बाजार में लिक्विडिटी भी कम थी , यानी
खरीदने वाले कम थे. इसी वजह से गिरावट
और तेज दिखी.
सोने की बात करे तो उसमें भी दबाव दिखा.
लेकिन उतना तेज नहीं,सोना करीब 4,340
डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा. जबकि एक सन पहले इसमें 4.4%की गिरावट आई थी. यानी साफ है कि दोनों में
एक साथ मुनाफावसुली देखने को मिली.
हालांकि इस गिरावट के बाबजूद बड़ी तस्वीर
अब भी माजूद मानी जा रही है.सोना और चांदी दोनों ही 1979के बाद अपने अच्छे साल
की ओर बढ़ रहे है.
इसके पीछे कई वजहें है. दुनिया भर के सेंट्रल
बैंको ने बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी की है. इसके अलावा एक्सचेंज टेंडस फंड्स यानी
ETF से भी जमकर पैसा आया है. या दिखाता है कि निवेशक अभी इन धातुओं को
निवेश सुरक्षित मान रहे हैं.
एक और बड़ा कारण अमेरिका में ब्याज दरों
का माहौल है.us federal reserve ने
लगातार तीन बार दरों में कटौती की है. कम
ब्याज दरों का सीधा फायदा कमोडिटी बाजार
को मिलता है क्यों कि सोना और चांदी ब्याज
नहीं देते जब ब्याज दरें गिरती है तो ऐसे एसेट
ज्यादा आकर्षक हो जाते है.
मंगलवार को सिंगापुर में सुबह के कारोबार में
चांदी हल्की कमजोरी के साथ 71.74डॉलर
प्रति औंस पर दिखी. इससे पहले यह 84.01
डॉलर प्रति का रिकॉर्ड स्तर भी छू चुकी है.
वहीं सोना भी मामूली बढ़त के साथ 4336.86 डॉलर के आसपास रहा. प्लेटिनियम और पैलेडियम में पिछले सन की दो अंकों बाली गिरावट के बाद कमजोरी जा
रही है.
Disclamere;कुल मिलाकर, दुनियाभर के
बड़े ब्रोकरेज हाउस स्पर्ट का कहना है कि चांदी में आई बड़ी गिरावट घबराने की बजह
कम और मुनाफावसुली का नतीजा ज्यादा
लगती है. तेज रैली के बाद ऐसे ब्रेक अक्सर
आते है.
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